आक्रमण

डोमेन नाम सर्वर अपहरण.

DNS (Domain Name Server) हिजैकिंग जैसी खतरनाक प्रक्रिया हेतु हैकरों का मुख्य लक्ष्य होता है आपकी वेबसाइट की गतिशीलता को बाधित करना। आपकी वेबसाइट को नियंत्रित करने की स्थिति, वे विशेषत: आपके DNS अनुरोधों को अपनी तरफ उन्मुख करने के लिए करते हैं।

हिजैकिंग की प्रमुख क्रियाएं कैसे होती हैं?

DNS हिजैकिंग का मुख्य उद्देश्य, वीरगति को स्वाँत: करना होतै है। इसे साधारित करने के लिए हैकर आपके DNS आंतरीक्ष को अपने नियंत्रण में रखने की कोशिश करते हैं। मुख्यत: फिशिंग या मालवेयर के माध्यम से वे इसे करते हैं।

DNS हिजैकिंग की प्रमुख श्रेणियाँ

DNS हिजैकिंग कई रूपों में कार्यान्वित हो सकती है जैसे कि:

  1. संकेतक DNS हिजैकिंग: यहाँ हैकर आपके नेटवर्क संकेतक की स्थिति को विपरीत करते हैं, जिससे उन्हें आपके सभी उपकरणों के अनुरोधों को अपनी ओर मोड़ने की स्थिति मिलती है।

  2. मध्यस्थ DNS हिजैकिंग: इस प्रकार में, हैकर आपके और DNS सर्वर के बीच एक मध्यस्थ के रूप में काम करते हैं।

  3. उपकरण संवरण DNS हिजैकिंग: इस प्रकार में, हैकर आपके उपकरण के संवरण को परिवर्तित करते हैं

हर प्रकार में, हैकरों का प्रमुख लक्ष्य आपकी वेबसाइट के संसाधनों को अपने अधिकार में लेना होता है, जिससे वे आपके उपयोगकर्ताओं को अनर्थ कर सकते हैं।

DNS हिजैकिंग से मुक्ति प्राप्त करने के उपाय

  1. DNS सर्वर की स्थिति की सतर्क निगरानी करें: आपको आवश्यकता होती है DNS सर्वर की स्थिति की निगरानी करने की, जहाँ आपको कोई अनपेक्षित परिवर्तन दिखाई दे, उसे सतर्कता के साथ संभालना चाहिए।

  2. अपने नेटवर्क और उपकरणों की सुरक्षा को बढ़ाना: आपको नेटवर्क और उपकरणों की सुरक्षा को सख्ती से सुनिश्चित करना चाहिए। आवश्यक सुरक्षा प्रक्रियाएं और उपकरणों का उपयोग करना चाहिए।

  3. DNSSEC प्रोटोकॉल का उपयोग करें: सुरक्षित क्षेत्र का नाम प्रणाली (DNSSEC) एक प्रणाली है जो DNS हिजैकिंग को अवरुद्ध करने में सहायक होती है। यह DNS अनुरोधों की प्रमाणित संवेदनशीलता की जांच करता है।

उपरोक्त प्रक्रियाओं का पालन करके आप अपनी वेबसाइट की सुरक्षा को ज़्यादा सुदृढ़ बना सकते हैं।

DNS क्या है?

डीएनएस, यानी डोमेन नाम प्रणाली, वेब पृष्ठों की पहचान करने का एक विशेष तरीका है। जब हम http://www.google.com जैसे URL को हमारे ब्राउज़र में दर्ज करते हैं, तो डीएनएस इस URL को आईपी पते में बदल देता है। प्रत्येक वेबसाइट का एक अद्वितीय आईपी एड्रेस होता हैं, जैसे कि 192.168.1.1। लेकिन, ये संख्याएं याद रखना बहुत कठिन होता हैं, इसलिए डीएनएस का उपयोग होता है जो इन संख्याओं को याद रखने के बजाय, सरल भाषा में लिखे गए URLS को बदलता हैं।

डीएनएस की कामकाजी

डीएनएस का मुख्य कार्य होता है डोमेन नामों को आईपी पतों में बदलना। जब आप वेब ब्राउज़र में किसी वेबसाइट का यूआरएल दर्ज करते हैं, तो आपका कंप्यूटर उस वेबसाइट के सर्वर से जुड़ता है। लेकिन, कंप्यूटर को यह पता करने के लिए कि वह किस सर्वर से जुड़ रहा है, उसे उस सर्वर का आईपी एड्रेस चाहिए होता है। यही कार्य डीएनएस करता है।

डीएनएस एक पदानुक्रमित प्रणाली का उपयोग करता है। सबसे पहले, आपका अनुरोध मूल डीएनएस सर्वर तक पहुंचता है, जो इंटरनेट के सबसे ऊपरी स्तर का सर्वर होता है। मूल सर्वर आपके अनुरोध को शीर्ष स्तर के डोमेन (टीएलडी) सर्वर तक भेजता है। टीएलडी सर्वर फिर आपके अनुरोध को अगले स्तर के डोमेन सर्वर तक भेजता है। यह प्रक्रिया तब तक जारी रहती है जब तक आपका अनुरोध सही सर्वर तक नहीं पहुंच जाता।

डीएनएस का महत्व

डीएनएस का सबसे बड़ा लाभ यह है कि यह इंटरनेट ब्राउज़िंग को सरल बनाता है। यदि डीएनएस नहीं होता, तो हムें हर वेबसाइट के लिए उसका आईपी पता याद रखना पड़ता, जो बहुत कठिन होता। डीएनएस के बिना, इंटरनेट ब्राउज़िंग बहुत ही जटिल हो जाता।

डीएनएस एक महत्वपूर्ण सुरक्षा सुविधा भी प्रदान करता है। जब आप किसी वेबसाइट से जुड़ते हैं, तो डीएनएस आपको उस वेबसाइट के सही सर्वर से जोड़ता है। यदि कोई हैकर आपको गलत सर्वर से जोड़ने की कोशिश करता है, तो डीएनएस आपको इससे बचाता है।

डीएनएस का एक और फायदा यह है कि यह लोड संतुलन का कार्य करता है। जब किसी वेबसाइट पर यातायात बहुत अधिक होता है, तो डीएनएस विभिन्न सर्वरों पर यातायात को वितरित कर देता है, जिससे वेबसाइट क्रैश नहीं होती।

इन सभी कारणों के कारण, डीएनएस इंटरनेट ब्राउज़िंग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यदि डीएनएस सही ढंग से काम नहीं करता, तो इंटरनेट ब्राउज़िंग बहुत ही कठिन हो जाती है।

DNS कैसे काम करता है?

DNS, jise Domain Name System kehte hain, internet par ek vastavik naamkaran vyavastha ka kaam karta hai. Ye ek prakar ka nirdeshika hota hai, jahan web domains ko internet protocol (IP) addresses ke saath joda jata hai. Jab aap ek website ka URL apne browser me dalkar search karte hain, DNS is domain naam ko uske sambandhit IP address me parivartit kar deta hai. Yeh kriya itni tezi se hoti hai ki hume isme samay bitane ki avashyakta nahi hoti.

DNS ki vyavastha kaise hoti hai?

डोमेन नाम सर्वर अपहरण

DNS ki karyapranali aasaan aur srajanatmak hai. Jab aap kisi web domain ko apne internet browser me dalkar uska anveshan karte hain, aapka digital yantra us website ke DNS server se judta hai. DNS server, us website ka IP address aapke digital device ko pradan karta hai, jisse ki aapka yantra us IP address dwara website ko load kar saken.

  1. Aapka browser web domain ko DNS resolver ke pas bhej deta hai. DNS resolver ek madhyasth ka karya karta hai, jo human-readable addresses ko machine-readable IP addresses me parivartit karta hai.

  2. DNS resolver root server se judta hai. Root servers, internet ka aadharik stambh hote hain jo har domain ki avashyak jankari ko sanchit karte hain.

  3. In Root servers se DNS resolver ko us domain ki mukhya naam servers ki jankari milti hai. Mukhya naam server, ve hote hain jo kisi vishesh domain ke prati uttardedhi hote hain.

  4. DNS resolver fir mukhya naam servers se us domain ke IP address ke liye anurodh karta hai.

  5. Mukhya naam servers DNS resolver ko us domain ke IP address ki jankari pradan karte hain.

  6. DNS resolver fir us IP address ko aapke browser ko prasav karta hai.

  7. Aapka browser, us IP address dwara website ko load kar deta hai.

Is kriya ko "DNS resolution" kehte hain, kyo ki DNS resolver ek samasya ko suljhata hai- vo website ke naam ko uske IP address me 'resolve' karta hai.

डंस कार्य करने के दौरान क्या होता है?

Jab DNS karya kar rha hota hai, kuch vishesh bindu hote hain. Ek bar phir, jab aap ek domain naam apne browser me dalte hain, to aapka yantra us website ke DNS server se sampark karta hai. DNS server tab us website ka IP address aapke yantra ko pradan karta hai, aur aapka yantra fir us IP address dwara website ko load kar deta hai.

Iske atirikt, DNS caching bhi hoti hai. DNS caching ek prakriya hai jisme DNS queries ka result sanchit kiya jata hai, taki bhavishya me same queries ko teji se shulk kiya ja sake. Ye prakriya DNS resolution ko aur bhi shighra kriyashil banati hai.

DNS ki vyavastha ka karya mahatvapurna hai, kyo ki bina iske, hame har website ke IP address yaad rakhna padega, jo ki ek kathin karya hota. DNS ne internet anveshan ko kafi aasan banaya hai.

DNS हाइजैकिंग क्या है?

DNS हाइजैकिंग, जिसे DNS रिडायरेक्शन भी कहा जाता है, एक प्रकार का साइबर हमला होता है जिसमें हैकर्स एक उपयोगकर्ता के डिवाइस या नेटवर्क के DNS सर्वर सेटिंग्स को बदल देते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य उपयोगकर्ताओं को धोखा देकर उनकी व्यक्तिगत जानकारी चुराना होता है।

DNS हाइजैकिंग कैसे काम करता है?

DNS हाइजैकिंग के दौरान, हैकर्स एक उपयोगकर्ता के डिवाइस या नेटवर्क के DNS सर्वर सेटिंग्स को बदल देते हैं और उन्हें अपने नियंत्रण में ले लेते हैं। जब उपयोगकर्ता एक वेबसाइट पर जाता है, तो उनका अनुरोध हैकर्स के नियंत्रण में होने वाले DNS सर्वर के माध्यम से भेजा जाता है। इसके परिणामस्वरूप, उपयोगकर्ता एक फर्जी वेबसाइट पर पहुंचता है जो वास्तविक वेबसाइट के बहुत समान दिखती है।

DNS हाइजैकिंग के प्रकार

DNS हाइजैकिंग के कई प्रकार हो सकते हैं, जिनमें से कुछ निम्नलिखित हैं:

  1. फार्मेसिंग: इसमें हैकर्स एक फर्जी वेबसाइट बनाते हैं जो वास्तविक वेबसाइट के बहुत समान दिखती है। उपयोगकर्ता को धोखा देने के लिए, हैकर्स उपयोगकर्ता को इस फर्जी वेबसाइट पर भेजते हैं।

  2. DNS स्पूफिंग: इसमें हैकर्स DNS कैश को बदल देते हैं, जिससे उपयोगकर्ता को एक फर्जी वेबसाइट पर भेजा जाता है।

  3. मैन-इन-द-मिडल अटैक: इसमें हैकर्स उपयोगकर्ता और DNS सर्वर के बीच कनेक्शन को इंटरसेप्ट करते हैं।

DNS हाइजैकिंग के इन प्रकारों को समझने के बाद, हम इसे कैसे ठीक कर सकते हैं, इस पर चर्चा करेंगे। इसके लिए हमें DNS हाइजैकिंग के खिलाफ सुरक्षा उपायों की जानकारी होनी चाहिए।

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DNS का अपहरण क्यों किया जाता है?

DNS हिजैकिंग का मुख्य कारण यह है कि हैकर्स आपकी वेबसाइट को नियंत्रित करना चाहते हैं। वे आपके डोमेन नाम सर्वर (DNS) को हिजैक करके आपके उपयोगकर्ताओं को गलत वेबसाइट पर भेज सकते हैं। इसका मतलब है कि जब कोई उपयोगकर्ता आपकी वेबसाइट का उपयोग करने की कोशिश करता है, तो वे वास्तव में हैकर्स की वेबसाइट पर होते हैं।

हैकर्स क्यों DNS हिजैक करते हैं?

हैकर्स के पास DNS हिजैक करने के कई कारण हो सकते हैं। वे शायद आपके उपयोगकर्ताओं की व्यक्तिगत जानकारी चुराना चाहते हों, जैसे कि उनके लॉगिन विवरण या क्रेडिट कार्ड जानकारी। या फिर, वे शायद आपकी वेबसाइट को नुकसान पहुंचाना चाहते हों, जैसे कि आपके उपयोगकर्ताओं को गलत जानकारी प्रदान करना या उन्हें गलत वेबसाइट पर भेजना।

DNS हिजैकिंग के प्रकार

  1. फार्मेसिंग अटैक: इस प्रकार के हमले में, हैकर्स एक फर्जी वेबसाइट बनाते हैं जो वास्तविक वेबसाइट के समान दिखती है। जब उपयोगकर्ता अपनी जानकारी दर्ज करते हैं, हैकर्स उसे चुरा लेते हैं।

  2. DNS रिडायरेक्शन अटैक: इस प्रकार के हमले में, हैकर्स उपयोगकर्ताओं को अनचाहे वेबसाइट पर भेजते हैं। यह वेबसाइट विज्ञापनों से भरी होती है या उपयोगकर्ताओं से उनकी व्यक्तिगत जानकारी चुराने की कोशिश करती है।

  3. DNS कैश पॉज़निंग: इस प्रकार के हमले में, हैकर्स DNS कैश को बदलते हैं ताकि उपयोगकर्ताओं को गलत वेबसाइट पर भेजा जा सके।

DNS हिजैकिंग से बचने के उपाय

  1. एंटीवायरस सॉफ़्टवेयर का उपयोग करें: एंटीवायरस सॉफ़्टवेयर आपके कंप्यूटर को सुरक्षित रखने में मदद कर सकता है। यह हैकर्स के हमलों को रोकने में मदद करता है और आपके कंप्यूटर को सुरक्षित रखता है।

  2. सुरक्षित DNS सर्वर का उपयोग करें: सुरक्षित DNS सर्वर का उपयोग करने से आपके उपयोगकर्ताओं को सुरक्षित रखा जा सकता है। यह सुनिश्चित करता है कि उन्हें सही वेबसाइट पर भेजा जा रहा है।

  3. अपने DNS सेटिंग्स की जांच करें: अगर आपको लगता है कि आपका DNS हिजैक हो गया है, तो आपको अपने DNS सेटिंग्स की जांच करनी चाहिए। यदि आपको कुछ संदिग्ध लगता है, तो आपको अपने DNS सर्वर को बदलना चाहिए।

इस प्रकार, DNS हिजैकिंग एक गंभीर समस्या है जिसे उपेक्षा नहीं किया जा सकता। इसे रोकने के लिए, आपको सतर्क रहना होगा और उचित सुरक्षा उपाय लागू करने होंगे।

DNS अपहरण हमलों के प्रकार

DNS Hijacking हमलों के विभिन्न प्रकार होते हैं, जिन्हें हम निम्नलिखित विभागों में विभाजित कर सकते हैं:

1. लोकल DNS हिजैकिंग

यह तब होता है जब हैकर आपके कंप्यूटर पर वायरस या मैलवेयर चलाता है, जिससे आपके DNS सेटिंग्स बदल जाती हैं। इसके परिणामस्वरूप, जब आप एक वेबसाइट पर जाते हैं, तो आप एक फर्जी वेबसाइट पर पहुंच जाते हैं जिसे हैकर ने निर्मित किया है।

2. रिमोट DNS हिजैकिंग

इस प्रकार के हमले में, हैकर आपके इंटरनेट सेवा प्रदाता (ISP) के DNS सर्वर को हिजैक करता है। इसका मतलब है कि जब आप एक वेबसाइट का अनुरोध करते हैं, तो आपका अनुरोध एक फर्जी वेबसाइट पर भेजा जाता है।

3. मैन-इन-द-मिडल हिजैकिंग

इस प्रकार के हमले में, हैकर आपके और वास्तविक वेबसाइट के बीच में बैठता है। जब आप वेबसाइट का अनुरोध करते हैं, तो हैकर आपके अनुरोध को पकड़ता है, उसे बदलता है, और फिर वास्तविक वेबसाइट को भेजता है। इस प्रकार, हैकर आपके डेटा को चुरा सकता है और आपको फर्जी वेबसाइट पर भेज सकता है।

4. DNS फार्मिंग

DNS फार्मिंग एक तरह का DNS हिजैकिंग है जिसमें हैकर एक वेबसाइट के DNS सर्वर को बदल देता है। इसके परिणामस्वरूप, जब आप वेबसाइट का अनुरोध करते हैं, तो आपका अनुरोध एक फर्जी वेबसाइट पर भेजा जाता है।

इन सभी प्रकार के DNS हिजैकिंग हमलों का एक सामान्य लक्ष्य होता है: आपके संवेदनशील डेटा को चुराना और/या आपको फर्जी वेबसाइट पर भेजना। इसलिए, यह महत्वपूर्ण है कि आप इन हमलों को पहचानने और उनका सामना करने के लिए उचित उपाय करें।

DNS अपहरण को कम करने के तरीके

DNS Hijacking से बचने के लिए अनुसरण करने योग्य कई तरीके हैं, जिनमें सलाह दी गयी मुख्य विधियां इन्हैं:

1. DNSSEC क्रियान्वयन करें

डोमेन नाम सिस्टम सुरक्षा विस्तार (DNSSEC) एक प्रमाणीकरण प्रोसीजर है जो DNS अनुरोधों की विश्वसनीयता और अविवादितता की शपथ लेता है। इसे भरोसा योग्य होने के लिए डिजिटल हस्ताक्षर का प्रयोग करना होता है, जिससे DNS Hijacking के खिलाफ सुरक्षा बढ़ती है।

2. DNS फ़ायरवॉल और IDS/IPS सिस्टमों का अन्वेषण करें

DNS फ़ायरवॉल और IDS/IPS तंत्र DNS Hijacking की प्रतिबंधन क्षमता सरोकारी रखते हैं। ये निर्माण करने वाले तंत्र अधिग्रहणी DNS अनुरोधों को अवरोधित करने की संभावना बढ़ाते हैं, जिससे DNS Hijacking की प्रमुखता कम हो जाती है।

3. VPN सेवा को अवलंबित करें

वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (VPN) आपके इंटरनेट संपर्क की सुरक्षा का ख्याल रखता है और आपके डाटा की संगठनी व्यवस्था सुनिश्चित करता है, इससे DNS Hijacking से परहेज करने में सहायता मिलती है।

4. DNS सर्वर की निगरानी करें

DNS सर्वर की निरन्तर सत्यापन की प्रक्रिया DNS Hijacking को अवरुद्ध करने में सहायता करती है। यदि आपके DNS सर्वर में अप्रत्याशित बदलाव होते हैं, तो यह DNS Hijacking के स्वरूप का संदेश संचारित कर सकता है।

5. डोमेन नाम पंजीकरण संस्थान के साथ 2-फैक्टर प्रमाणीकरण (2FA) को सचालित करें

2FA डोमेन नाम पंजीकरण संस्थान के साथ एक अतिरिक्त सुरक्षा की परत उपस्थित करता है। इसका मतलब है कि DNS Hijacking से बचाने में यह सहायक होता है।

इन सभी मार्गदर्शिकाओं को अनुसरण करके, आपके पास DNS Hijacking से आपके नेटवर्क की सुरक्षा सुनिश्चित करने का मौका हो सकता है। यदि आपके DNS सर्वर की सुरक्षा आशंका जनक हो, तो आपको तात्कालिक रूप से एक सुरक्षा विशेषज्ञ की सम्मति लेनी चाहिए।

अपनी वेबसाइट पर DNS हाइजैकिंग की गुंजाइश न दें

आपकी जलवायु वेबसाइट DNS हैकिंग का शिकार नहीं होनी चाहिए। DNS हैकिंग होते ही उसमें आपका डोमेन नेम सिस्टम (DNS) सर्वर अंहकारी प्रवृत्तियों द्वारा कब्जा हो जाता है और इससे आपके मूल्यवान उपयोगकर्ता भ्रामित होकर फर्जी वेबसाइट पर चले जाते हैं। इन भ्रामित साइट्स पर जाने से उनके उपयोगकर्ता के लिए फिशिंग या मैलवेयर जैसे प्रेक्षेपों का खतरा बन जाता है। इसलिए, आपको अपनी वेबसाइट की सुरक्षा के प्रति सचेत रहना चाहिए।

DNS हैकिंग रोकने के तरीके

  1. DNSSEC: DNSSEC में एन्क्रिप्शन की विधि होती है जो DNS सर्वर को हैकिंग से बचाता है। इसे लागू करने से DNS के सभी प्रश्न और उत्तर का सत्यापन होता है, और इससे यह शुरू होता है कि वे असली हैं और किसी द्वारा उनमें कोई बदलाव नहीं किया गया है।

  2. वेबसाइट की सुरक्षा मजबूत करें: SSL/TLS प्रमाणपत्रों का उपयोग करके, आप अपनी वेबसाइट की सुरक्षा को और अधिक मजबूत बना सकते हैं। इससे आपके उपयोगकर्ताओं का व्यक्तिगत डेटा सुरक्षित होता है और वे यह समझते हैं कि वे सही जगह हैं।

  3. DNS सर्वर की सुरक्षा को बढ़ावा दें: DNS सर्वर की सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए, आपको नियमित रूप से अपने सॉफ्टवेयर को अद्यतित करना होगा, साथ ही साथ आपने अपने सर्वर को फ़ायरवॉल और अन्य सुरक्षा उपकरणों के अंतर्गत रखना होगा।

DNS हैकिंग की कैसे पहचान करें

DNS हैकिंग की पहचान के लिए, निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए:

  1. वेबसाइट की असमान्य गतिविधियाँ: यदि आपकी वेबसाइट पर अनपेक्षित पुनर्निर्देशित हो रही है या अनचाही पॉप-अप संदेश प्रदर्शित हो रहे हैं, तो यह DNS हेकिंग का संकेत हो सकता है।

  2. उपयोगकर्ता की शिकायतें: यदि आपके उपयोगकर्ताओं आपकी वेबसाइट पर पहुंचने में कठिनाईयों या त्रुटियों की शिकायतें कर रहे हैं, तो यह DNS हेकिंग का संकेत हो सकता है।

  3. सुरक्षा जांच: आपको अपनी वेबसाइट की सुरक्षा की नियमित जांच करनी चाहिए। यदि जांच में DNS हेकिंग का संकेत मिलता है, तो आपको तुरंत प्रतिक्रिया करनी चाहिए।

आप इन सुझावों की पालना करके, अपनी वेबसाइट को DNS हिजैकिंग से सुरक्षित रख सकते हैं। भावी समस्याओं से बचने के लिए, यदि आपको किसी भी आशंका होती है तो तत्काल सुरक्षा विशेषज्ञ से संपर्क करें।

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FAQ

यहां कुछ सामान्य प्रश्न हैं जो DNS हिजैकिंग के बारे में उठाए जा सकते हैं:

DNS हिजैकिंग क्या है?

DNS हिजैकिंग एक प्रकार का साइबर हमला होता है जिसमें हैकर आपके डोमेन नाम सर्वर (DNS) को नियंत्रित करते हैं और आपके वेबसाइट के उपयोगकर्ताओं को अनधिकृत वेबसाइट पर भेजते हैं।

DNS हिजैकिंग कैसे होता है?

DNS हिजैकिंग के लिए हैकर्स को आपके DNS सर्वर की नियंत्रण प्राप्त करने की आवश्यकता होती है। यह आमतौर पर फिशिंग या मालवेयर के माध्यम से किया जाता है।

DNS हिजैकिंग कैसे रोका जा सकता है?

DNS हिजैकिंग को रोकने के लिए कई तरीके हैं। इनमें से कुछ हैं:

  1. अपने DNS सर्वर की सुरक्षा बढ़ाना
  2. एंटी-मालवेयर सॉफ़्टवेयर का उपयोग करना
  3. फ़ायरवॉल का उपयोग करना
  4. अपने उपयोगकर्ताओं को सुरक्षा के बारे में जागरूक करना

DNS हिजैकिंग के प्रकार क्या हैं?

DNS हिजैकिंग के कई प्रकार हो सकते हैं, जैसे कि लोकल DNS हिजैक, रिमोट DNS हिजैक, और राउटर DNS हिजैक।

DNS हिजैकिंग के क्या परिणाम हो सकते हैं?

DNS हिजैकिंग के परिणाम गंभीर हो सकते हैं। यह आपके उपयोगकर्ताओं के लिए खतरनाक हो सकता है, क्योंकि यह उन्हें फिशिंग साइट्स पर भेज सकता है जहां उनकी व्यक्तिगत जानकारी चुराई जा सकती है। यह आपकी वेबसाइट की प्रतिष्ठा को भी क्षति पहुंचा सकता है।

DNS हिजैकिंग कैसे पता करें?

DNS हिजैकिंग का पता लगाने के लिए आपको अपने DNS सर्वर की जांच करने की आवश्यकता हो सकती है। यदि आपको अपने DNS सर्वर की सेटिंग्स में कुछ असामान्य लगता है, तो यह DNS हिजैकिंग का संकेत हो सकता है। आप अपने उपयोगकर्ताओं से भी पूछ सकते हैं कि क्या उन्हें किसी अनजान वेबसाइट पर भेजा गया है।

संदर्भ

  1. "DNS हिज़ैकिंग के मायने और इसका समाधान". Norton. यह विवरण आपको DNS हजामत के विभिन्न रूपों, इसके परिणामों, और इसे शांत करने की रणनीतियों की जानकारी प्रदान करता है।

  2. "DNS हिजाकिंग की पहुंच समझना". Cloudflare. यह गहन अध्ययन DNS हिज़ैकिंग की प्राविधिक व्यूपारिक सोच की समझ बढ़ाता है, DNS कैसे संचालित होता है, और DNS हिजाकिंग के उत्पन्न होने का प्रकार।

  3. "DNS हिजेकिंग: अपरिचित खतरा जो आपके नेटवर्क को संकटमय बना सकता है". Cisco. यह सूचना आपको DNS हिजाकिंग के खतरों की चेतावनी देती है और यह कैसे आपके नेटवर्क को खतरे में डाल सकती है, उसकी चर्चा करती है।

  4. "DNS हिज़ैकिंग से बचने की सर्वोत्तम कवायदें". Kaspersky. यह आर्टिकल DNS हिजाकिंग से बचाव के विशेष अभ्यास की दिशानिर्देशन प्रदान करता है और स्पष्ट मार्गदर्शन करता है कि किस प्रकार से DNS हिजाकिंग से बचना चाहिए।

  5. "DNS हिजेकिंग: संभावित खतरे और उनके उपचार". Symantec. यह मूल्यांकन DNS हिजेकिंग के खतरों और समाधानों का विस्तृत विश्लेषण प्रदान करता है और इसे कैसे सुलझाना है, उसे सप्तशतीकृत करता है।

  6. "DNS हिजाकिंग: इसकी परिभाषा और इसे निवारण करने के तरीके". TechTarget. यह संक्षेप में DNS हिजेकिंग की पूरी तरह से व्याख्यानिक जानकारी देता है, और इसे रोकने के तरीकों की व्याख्या करता है।

  7. "DNS हिजेकिंग: संभावित जोखिम और उनका निवारण". Webroot. यह विशेषज्ञ अनुभाग DNS हिजेकिंग के संभवन संकटों की जानकारी प्रदान करता है और इसे शांत करने की सलाह देता है।

  8. "DNS हिज़ैकिंग से बचाव: क्या आवश्यकता होती है". Sophos. यह जानकारी आपको DNS हजामत के विभिन्न रूपों, इसके प्रभाव, और इसे शांत करने की व्यापक अवधारणा प्रदान करती है।

  9. "DNS हिजाकिंग: अदृश्य खतरे". Trend Micro. यह चेतावनी देखती है DNS हिजेकिंग के गुप्त खतरों पर और यह कैसे आपके नेटवर्क को जोखिम में डाल सकती है।

  10. "DNS हिज़ैकिंग: यह कैसे पहचाना और सुधारा जा सकता है". McAfee. यह स्थल DNS हिजाकिंग की पहचान करने और इसे सुधारने की गहन विवरण साझा करता है।

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